Film On Patriotism: ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’, आज़ादी के परवाने की बेमिसाल कहानी


Bollywood Film On Patriotism: दुनियाभर की फिल्म इंडस्ट्री में देश प्रेम के सब्जेक्ट पर फिल्में बनाने का चलन है. भारत भी इससे अछूता नहीं. यहां भी जब से सिनेमा की शुरुआत हुई है, तब से लेकर अब तक देशप्रेम के विषय पर सैकड़ों फिल्में बनाई गई हैं. हालांकि इनमें से चुनिंदा ही फिल्में ऐसी हैं, जो देशप्रेम से लबरेज हैं और दर्शकों में भी देशप्रेम की अलख जगाने में कामयाब हुई हैं. इन्ही में से एक है ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’.

इस फिल्म का निर्माण राजकुमार संतोषी ने साल 2002 में किया था. फिल्म में अजय देवगन ने शहीद-ए-आज़म यानी भगत सिंह का किरदार निभाया था. यूं तो भगत सिंह पर कई फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लोगों ने सबसे ज्यादा पसंद किया. इसके गाने भी पसंद किए गए. फिल्म में अजय देवगन के अलावा राज बब्बर, फरीदा जलाल, अमृता राव, सुशांत सिंह और डी संतोष ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं.

कहानी

फिल्म ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ की कहानी देश के लिए कुर्बान होने वाले शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह के जीवन पर आधारित है. फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे देश का एक छोटा सा बच्चा देश की आजादी का एक बहुत बड़ा परवाना बन जाता है और महज 23 साल की उम्र में अपने दोस्त राजगुरु और सुखदेव के साथ देश के लिए हंसते-हंसते फांसी पर लटक जाता है.

देशप्रेम से लबरेज फिल्म के दृश्य

फिल्म में भगत सिंह के बचपन का एक दृश्य दिखाया गया है, जिसमें जलियांवाला बाग में शहीद हुए देशवासियों को देखकर उनका ह्रदय बदल जाता है और वह भी देश के लिए कुछ करने की ठान लेते हैं. इसके साथ एक और दृश्य हैं, जब भगत अपनी पार्टी ज्वाइन करने के लिए जाते हैं और तेज धारदार भाला पकड़ कर देशप्रेम के अपने जुनून को दिखाते हैं.

इसके साथ फिल्म के उस दृश्य को तो भुलाया ही नहीं जा सकता, जिसमें भगत सिंह अपने साथियों के साथ भूख हड़ताल करते हैं और उनके अंदर मौजूद देशप्रेम की ताकत ही उनसे इतनी लंबी भूख हड़ताल करवा पाती है. फिल्म में इस तरह के कई सीन हैं, जिन्हें देखकर भारतीय अपने स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को महसूस कर सकते हैं.

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